पित्त acidity या घबराहट हो तो इसकी जड़ कूटकर काढ़ा बनाएं और मिश्री मिलाकर पीयें . चर्म रोग या eczema या allergy हो तो इसकी 3-4 ग्राम जड़ में 2-3 ग्राम नीम मिलाकर काढ़ा बनाएं और सवेरे शाम पीयें .
दिल संबंधी कोई परेशानी हो तो इसकी जड़ में मुनक्का मिलाकर काढ़ा बनाकर मसलकर छानकर पीयें .इससे hormones भी ठीक रहेंगे और heart rate भी ठीक रहेगा . Kidney की परेशानी में खस और गिलोय का काढ़ा सवेरे सवेरे पीयें . B.P. high हो या angina की समस्या हो तो इसकी जड़ और अर्जुन की छाल का काढ़ा पीयें .
प्यास बहुत अधिक लगती हो तो इसकी जड़ कूटकर पानी में ड़ाल दें . बाद में छानकर पानी पी लें . यह शीतल अवश्य है ; परन्तु इसे लेने से arthritis बढ़ता नहीं है .
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