Monday, May 11, 2026

सजग राही

ज़िदगी का सफ़र करने वाले

अपने मन का दीया तो जला ले 


 रात लंबी है गहरा अंधेरा

 जाने कब हो यहां पर सवेरा

 तू है अनजान मंजिल का राही

 चलते रहना ही है काम तेरा

 रोशनी से डगर जगमगा ले

अपने मन का दीया तो जला ले


लंबी-लंबी ये जीवन की राहें 

चूमना तेरे कदमों को चाहें 

गहन वन में कहीं खो न जाना

भटक जाए न तेरी निगाहें 

हर कदम सोच कर तू उठा ले 

अपने मन का दीया तो जला ले

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