Wednesday, March 10, 2021

श्रद्धा का अतिरेक!

 

एक दिन मैं और भाई बाजार से वापिस आ रहे थे.  हम एक कच्ची कॉलोनी के पास से गुजर रहे थे. तभी याद आया कि घर पर दूध लेकर जाना है . भाई को हार्ट प्रॉब्लम है और वह  डबल टोंड दूध ही पीते हैं . भाई ने कहा,'यहां डबल टोंड दूध शायद ही मिल पाएगा क्योंकि यहां हेल्थ कॉन्शियस लोग तो होंगे नहीं'.

 मैंने कहा,'चलो भाई दुकान पर जाकर पूछते हैं शायद मिल ही जाए.'

 हमने दुकानदार से पूछा तो उसने तुरंत डबल टोंड दूध दे दिया मैंने कहा,' देखो भाई! यहां भी हेल्थ कॉन्शियस लोग रहते हैं.'

 भाई ने दुकानदार से कहा ,' यह तो बहुत अच्छा है कि सबको अपनी सेहत का इतना ख्याल है कि डबल टोंड दूध पीते हैं.'

 वह हैरान होते हुए बोला कि ऐसी कोई बात नहीं है पीने के लिए तो टोंड या फुल क्रीम मिल्क ही खरीदते हैं.

'तो फिर आप डबल टोंड दूध क्यों बेचते हो? इसे कौन खरीदता होगा?'

 उसने कहा कि मंदिर में जाते समय लोग यह दूध खरीदते हैं शिव जी के शिवलिंग पर दूध चढ़ाना होता है ना.' 

'अच्छा तो यह बात है' भाई ने कहा ,'लोगों को अपनी सेहत से ज्यादा शिव जी भगवान की सेहत का ख्याल है . वाह क्या श्रद्धा है शिव जी भगवान मे!'
 दुकानदार को कुछ समझ नहीं आया. वह भाई को हैरानी से देख रहा था.

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