Monday, January 26, 2026

याचना

इक तेरी दया का दान मिले, इक तेरा सहारा मिल जाए 

भवसागर में बहती मेरी, नैया को किनारा मिल जाए


जीवन की टेढ़ी राहों में, 

चलकर न तुझको जान सका

आशाओं की झोली भर जाए, इक तेरा द्वारा मिल जाए 


मैं दीन हूं, दीन दयाल है तू

अल्पज्ञ हूं मैं, सर्वज्ञ है तू 

अज्ञान का पर्दा हट जाए, तेरा उजियारा मिल जाए


मैं नर हूं, तुम नारायण हो 

इतना तो भेद ज़रूरी है 

यदि शरण तेरी मैं आ न सका, नर तन तो दोबारा मिल जाए 


इक तेरी दया का दान मिले, इक तेरा सहारा मिल जाए

भवसागर में बहती मेरी, नैया को किनारा मिल जाए

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